हवा
"अबे, यार कुछ सुना तुम दोनों ने ?"
" क्या ", आकाश ने पूछा |
"यार, यश अंकल का बेटा भी उन्हें छोड़ कर चला गया ...मेरठ अपनी बीवी के साथ, " विनोद बोला |
"अच्छा कब " रमेश ने हैरानी व्यक्त की |
"परसों की बात है ! यार " विनोद बोला |
" पर, यार उसकी शादी को तो अभी छह महीने ही हुए थे, अपनी बीमार माँ के बारे में भी उसने कुछ नहीं सोचा, " रमेश के स्वर में झुंझलाहट स्पष्ट थी |
"अबे, शादी के बाद अपनी बीवी के बारे में ज्यादा सोचना पड़ता है " विनोद बोला |
"हाँ यार, ये तो है साली आजकल की हवा ही ख़राब है " रमेश ने दुःख से कहा |
"तू इतनी देर से क्या सोच रहा है ?" विनोद ने चेतन के सर पर हल्की चपत मारी |
दबी आवाज़ में चेतन ने जवाब दिया " कुछ नहीं यार, अगले महीने मेरे बड़े भाई की शादी है ...... यही सोच रहा था "
-चिन्मय उत्तम
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